ग्लूटाथियोन के नुकसान और साइड इफेक्ट्स: क्या यह सुरक्षित है?
ग्लूटाथियोन क्रीम, टैबलेट और इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स, किसे सावधान रहना चाहिए और पैच टेस्ट कैसे करें।
ग्लूटाथिओन के क्या नुकसान हैं?
ग्लूटाथियोन क्रीम आमतौर पर सुरक्षित है; कुछ लोगों को शुरुआत में हल्की जलन, लालिमा या रूखापन हो सकता है। गोलियों से पेट खराब या एलर्जी हो सकती है। सबसे ज्यादा खतरा इंजेक्शन से है। सांस फूलना, सूजन या रैश हो तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
नियामकों ने त्वचा गोरी करने वाले इंजेक्शन के बारे में चेतावनी दी है: US FDA warning, 2015।
ग्लूटाथियोन क्रीम और फेस वॉश आमतौर पर ज्यादातर लोगों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं। सबसे बड़ी चिंता ग्लूटाथियोन इंजेक्शन को लेकर है, क्रीम को लेकर नहीं।
क्रीम के संभावित साइड इफेक्ट्स
- शुरुआत में हल्की झुनझुनी, लालिमा या रूखापन, जो अक्सर ठीक हो जाता है।
- लालिमा, खुजली या जलन लगातार रहे तो उपयोग बंद करें।
- रैश या सूजन हो तो तुरंत बंद करें और डॉक्टर से मिलें।
10 हफ्ते की स्टडी (Watanabe et al., 2014) में 30 में से केवल एक महिला को दो दिन हल्की लालिमा हुई, जो अपने आप ठीक हो गई।
ग्लूटाथियोन इंजेक्शन से बचें
US FDA warning, 2015 के अनुसार त्वचा गोरी करने वाले इंजेक्शन असुरक्षित हो सकते हैं और उनमें अज्ञात पदार्थ हो सकते हैं। भारतीय डर्मेटोलॉजी समीक्षा (Sonthalia, Daulatabad & Sarkar, IJDVL 2016) ने भी डॉक्टरों को त्वचा गोरी करने के लिए IV ग्लूटाथियोन न देने की सलाह दी है, क्योंकि इसके समर्थन में कोई क्लिनिकल ट्रायल नहीं है।
किसे सावधान रहना चाहिए
- गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं (रेटिनॉल वाली क्रीम डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं)।
- एक्जिमा, रोसेशिया या बहुत संवेदनशील त्वचा वाले लोग।
- जो पहले से कोई प्रिस्क्रिप्शन क्रीम लगा रहे हैं।
पैच टेस्ट कैसे करें
- कान के पीछे या बांह के अंदर थोड़ी क्रीम लगाएं।
- 24 घंटे इंतजार करें।
- कोई प्रतिक्रिया न हो तो चेहरे पर धीरे-धीरे शुरू करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ग्लूटाथियोन क्रीम सुरक्षित है?
ज्यादातर वयस्कों के लिए हां, जब निर्देशों के अनुसार उपयोग करें। पहले पैच टेस्ट करें।
क्या ग्लूटाथियोन इंजेक्शन सुरक्षित हैं?
त्वचा गोरी करने के लिए इनके समर्थन में कोई क्लिनिकल ट्रायल नहीं है और नियामकों ने चेतावनी दी है। इनसे बचें।
- Watanabe F, et al. Skin-whitening and skin-condition-improving effects of topical oxidized glutathione: a double-blind and placebo-controlled clinical trial in healthy women. Clin Cosmet Investig Dermatol. 2014.
- Sonthalia S, Daulatabad D, Sarkar R. Glutathione as a skin whitening agent: facts, myths, evidence and controversies. Indian J Dermatol Venereol Leprol. 2016;82(3):262-272.
- US Food and Drug Administration warning on injectable skin-lightening products, 2015 (as reported by MedEsthetics).
यह सामान्य कॉस्मेटिक स्किनकेयर जानकारी है, चिकित्सा सलाह नहीं। परिणाम हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं।
